मुंबई |
घाटकोपर पश्चिम स्थित एलबीएस मार्ग पर असल्फा मेट्रो रेल के नीचे सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तेज़ी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन इसी क्षेत्र की नारी सदन रोड को पूरी तरह नजरअंदाज किए जाने से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। सवाल उठ रहा है कि आखिर एक ही इलाके में विकास के नाम पर दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है?जंहा पूरी मुम्बई आरसीसी हो गया वही ns रोड़ उपेक्षित रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां एलबीएस मार्ग पर मेट्रो के नीचे सड़क चौड़ीकरण, डामरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है, वहीं नारी सदन रोड,फुटपाथ वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी है। बारिश के मौसम में सड़क पर गड्ढे, जलभराव और यातायात जाम आम समस्या बन चुकी है, लेकिन संबंधित जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
इस पूरे मामले में वार्ड 160 की पूर्व नगरसेवक किरण लांडगे और वार्ड 161 के पूर्वनगरसेवक वीरेंद्र (विजू) शिंदे की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दोनों नगरसेवक अपने-अपने वार्ड में समान विकास कार्य कराने में विफल रहे हैं और अब जनता के दबाव में अपनी नाकामियों पर पश्चाताप करते वार्ड में कुछ महीने पहिले नजर आ रहे हैं। 70 फुट चौड़ा रोड आज दम तोड़ रही है।
नागरिकों का आरोप है कि नारी सदन रोड क्षेत्र में रहने वाले करदाताओं के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अगर एलबीएस मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण संभव है, तो नारी सदन रोड को विकास से वंचित क्यों रखा जा रहा है? क्या यह राजनीतिक उदासीनता है या फिर जानबूझकर किया गया भेदभाव किया जा रहा है सड़क किनारे जगह जगह कचरेका ढेर व सड़क पर कब्जा किये अवैध मांस मुरगी कटिंग की गंदे पानी मांस बदबू दार फेंका रहता है ।
स्थानीय रहवासियों ने महानगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि नारी सदन रोड को भी प्राथमिकता सूची में शामिल कर शीघ्र सड़क चौड़ीकरण और मूलभूत सुविधाओं का कार्य शुरू किया जाए, अन्यथा स्थानिक जनता ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का भी मनपा चुनाव बाद मुढ़ बनाया है।
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